सहारनपुर में 70 करोड़ के नकली सिक्कों का पर्दाफाश: टोल प्लाजा और शराब ठेकों तक फैला था जाल!

Saharanpur News: सहारनपुर में नकली सिक्कों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सोनीपत की फैक्टरी से बने 20 करोड़ के नकली सिक्के, मशीनें और अन्य सामान बरामद किया है।


September 14, 2026 by

Saharanpur Fake Coins News: यूपी के सहारनपुर में नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए नकली सिक्के बनाने और उन्हें अलग-अलग राज्यों के बाजारों में खपाने वाले गिरोह का खुलासा किया है।

पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1.28 लाख रुपये के नकली सिक्के, पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के, सिक्के बनाने वाली छह मशीनें, डाई, मोबाइल फोन, रजिस्टर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।

सोनीपत में चल रही थी नकली सिक्कों की फैक्टरी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब का रहने वाला है और उसने हरियाणा के सोनीपत जिले में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित कर रखी थी। इसी फैक्टरी में नकली सिक्कों को तैयार किया जाता था। इसके बाद इन्हें पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई किया जाता था। शुरुआती जांच में गिरोह का नेटवर्क पंजाब से लेकर बिहार तक फैला होने की बात सामने आई है।

70 करोड़ से अधिक के सिक्के बाजार में खपाने का दावा

पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला है कि यह गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि नकली सिक्कों की सप्लाई किन-किन लोगों तक पहुंचती थी और इन्हें बाजार में चलाने के लिए कौन-कौन लोग गिरोह से जुड़े हुए थे।

गिरोह में सात से आठ सदस्य होने की आशंका

Saharanpur Fake Coins News

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में सात से आठ सदस्य शामिल हैं और सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। कोई नकली सिक्के तैयार कराने का काम करता था, तो कोई उनकी सप्लाई और बाजार में खपत का जिम्मा संभालता था। गिरोह में एक फाइनेंसर भी शामिल था, जो मोबाइल फोन और रजिस्टर के माध्यम से नकली सिक्कों की सप्लाई और लेनदेन का हिसाब-किताब रखता था।

पंजाब, बिहार और यूपी तक फैला सप्लाई नेटवर्क

गिरोह द्वारा तैयार किए गए नकली सिक्कों की सप्लाई पंजाब, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बदायूं, सहारनपुर तथा संत रविदास नगर सहित कई इलाकों में की जाती थी। पुलिस को शक है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग अभी भी अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हो सकते हैं। बरामद रजिस्टर और मोबाइल फोन की जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

बाजार के साथ शराब ठेकों और टोल प्लाजा पर खपाते थे सिक्के

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 20-20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करके उन्हें बाजार में चलाते थे। इसके अलावा सरकारी शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी इन सिक्कों को खपाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन स्थानों पर नकली सिक्कों को पहुंचाने और स्वीकार कराने में कौन-कौन लोग मदद करते थे।

सिक्कों की फिनिशिंग के लिए भी था पूरा इंतजाम

गिरोह के पास नकली सिक्कों को तैयार करने के साथ-साथ उनकी फिनिशिंग और आकार देने के लिए भी पूरा इंतजाम मौजूद था। पुलिस ने सिक्के बनाने वाली छह मशीनें, पांच लोहे की डाई, बिना मुहर की 39 डाई और मुहर लगी 20 डाई बरामद की हैं। इसके अलावा डाई पॉलिश मशीन, दो घिसाई पत्थर और अन्य उपकरण भी मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से नकली सिक्कों का निर्माण कर रहा था।

पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली सिक्के और अधबना माल पकड़ा

पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली सिक्के और अधबना माल पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 20-20 रुपये के कुल 6400 नकली सिक्के बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के भी मिले हैं। पुलिस ने 500-500 रुपये के 20 नोट, आठ मोबाइल फोन, दो कार, सात हिसाब-किताब के रजिस्टर, पैड और एक चेक बुक भी बरामद की है।

कुछ दिन पहले हिरासत में लिए गए युवकों से खुला राज

एसएसपी अभिनंदन सिंह ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पुलिस को पिछले कुछ दिनों से बाजार में नकली सिक्के चलाए जाने की सूचना मिल रही थी। इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। इसी मामले में कुछ दिन पहले दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के दौरान तीन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।

सरगना समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने जुबली पार्क से गिरोह के मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। वह टावर डी-5, पेंटाहोम सोसायटी, जिरखपुर मोहाली का निवासी बताया गया है। इसके अलावा हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी, सहारनपुर, कुलदीप निवासी आवास विकास सहारनपुर, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन निवासी लड्डू गांव, मधुबनी बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी पीपरीश रामेश्वरम, जिला संत रविदास नगर यानी भदोही को गिरफ्तार किया गया है।

रजिस्टर और मोबाइल से खंगाला जा रहा पूरा हिसाब

पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, रजिस्टर, चेक बुक और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनसे नकली सिक्कों की सप्लाई, लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक किन-किन राज्यों और जिलों में कितनी मात्रा में नकली सिक्के भेजे हैं।

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। गिरोह के अन्य सदस्यों, फाइनेंसरों और नकली सिक्कों को बाजार में चलाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बरामद सामग्री और पूछताछ से सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

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