50 हजार की घूस लेते ही टीम ने दबोचा: मुरादाबाद में चकबंदी पेशकार गिरफ्तार, विभाग में मचा हड़कंप!

Moradabad Crime: मुरादाबाद में एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी विभाग के एक पेशकार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।


September 8, 2026 by

Moradabad Bribe Case: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रिश्वतखोरी के काले साम्राज्य पर एंटी करप्शन टीम ने एक बार फिर बड़ा प्रहार किया है। चकबंदी विभाग में लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करते हुए टीम ने एक पेशकार को 50 हजार रुपये की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया।

आरोपी पेशकार ने किसान के मुकदमे के निस्तारण आदेश को महज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के एवज में भारी-भरकम रकम की मांग की थी। जैसे ही घूस की गड्डी पेशकार के हाथों में पहुंची, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने उसे शिकंजे में ले लिया।

सालों से लंबित मुकदमा और अटका आदेश

यह पूरा सनसनीखेज मामला मूंढापांडे क्षेत्र के गनेशघाट गांव के निवासी किसान ओमवीर सिंह से जुड़ा है। पीड़ित किसान अपनी पुश्तैनी जमीन से जुड़े एक मुकदमे को लेकर पिछले कई वर्षों से चकबंदी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर था। सालों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार इसी साल 17 अप्रैल को अदालत से मुकदमे का निस्तारण हो गया। हालांकि, फैसले के महीनों बीत जाने के बाद भी संबंधित आदेश को सरकारी रिकॉर्ड में ऑनलाइन दर्ज नहीं किया जा रहा था, जिससे किसान की मुश्किलें जस की तस बनी हुई थीं।

सरकारी दफ्तर में खुली वसूली की दुकान

फैसले की प्रति ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए जब किसान ने चकबंदी पेशकार सुभाषचंद्र से गुहार लगाई, तो मदद के बजाय उसे रिश्वत का फरमान सुना दिया गया। आरोप है कि पेशकार ने सीधे तौर पर 50 हजार रुपये की मांग रख दी और साफ कह दिया कि बिना पैसों के काम आगे नहीं बढ़ेगा। सिस्टम के इस रवैये से तंग आकर किसान ने हार मानने के बजाय भ्रष्ट कर्मचारी को सबक सिखाने की ठान ली और सीधे एंटी करप्शन विभाग का दरवाजा खटखटाया।

रिश्वतखोर को पकड़ने की तैयारी

Moradabad Bribe Case

किसान की लिखित शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम हरकत में आ गई और आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए एक गोपनीय जाल बुना गया। तय रणनीति के तहत किसान को रसायनों से युक्त नोटों की गड्डी देकर पेशकार के पास भेजा जाना था। एंटी करप्शन की पूरी टीम ने मुरादाबाद चकबंदी दफ्तर के आसपास सादे कपड़ों में डेरा डाल दिया ताकि आरोपी को भनक तक न लगे और पूरी योजना को बिना किसी चूक के अंजाम दिया जा सके।

साढ़े तीन बजे का वो सनसनीखेज पल

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मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे किसान ओमवीर सिंह योजना के मुताबिक 50 हजार रुपये लेकर पेशकार सुभाषचंद्र की मेज के पास पहुंचा। दफ्तर में सामान्य दिनों की तरह चहल-पहल थी और पेशकार बेखौफ होकर अपनी कुर्सी पर जमा था। किसान ने जैसे ही रिश्वत के 50 हजार रुपये सुभाषचंद्र की तरफ बढ़ाए और पेशकार ने पैसे अपने हाथ में लिए, ठीक उसी वक्त एंटी करप्शन टीम ने बिना एक पल गंवाए उसे चारों तरफ से घेर लिया।

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रंगेहाथ गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

हाथों में रिश्वत के नोट थामे पेशकार सुभाषचंद्र को एंटी करप्शन टीम ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। हाथ धोए जाने पर कैमिकल का रंग उभरते ही पेशकार के होश उड़ गए और वह अपनी सफाई में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं रहा। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे चकबंदी विभाग में अफरातफरी मच गई।

सिविल लाईन्स थाने में एफआईआर

Thana Civil Lines Moradabad

गिरफ्तारी के तुरंत बाद शाम करीब 4:50 बजे एंटी करप्शन की टीम आरोपी पेशकार को अपनी गाड़ी में बैठाकर सिविल लाईन्स थाने पहुंची। थाने पहुंचते ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल में जुट गई हैं कि इस वसूली के खेल में क्या विभाग के कुछ और बड़े अधिकारी भी शामिल थे।

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विभाग में खौफ और जांच की आंच

इस बड़ी कार्रवाई के बाद चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल है। एंटी करप्शन टीम का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और रिश्वतखोरी के इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा। इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि आम जनता का उत्पीड़न करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के दिन अब पूरे हो चुके हैं।

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