Amroha Ganga Water Level: अमरोहा जिले में पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। गंगा नदी इन दिनों उफान पर है और तिगरी क्षेत्र में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को तिगरी गंगा का जलस्तर 200.70 सेमी दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 200.65 सेमी था। यानी 24 घंटे में जलस्तर में करीब 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
तिगरी घाट पर पहुंचा पानी

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिगरी गंगा घाट पर भी पानी भर गया है। घाट के आसपास पानी पहुंचने के कारण वहां रहने वाले पुरोहितों की झोपड़ियां भी जलमग्न हो गई हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते घाट क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और लोगों को पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
खेतों में चार फीट तक पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे गांवों और कृषि क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। गांव ओसीताजगदेपुर में कई खेतों में करीब चार-चार फीट तक पानी भर गया है। खेतों में पानी जमा होने से किसानों की फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
चार गांवों की फसलें पानी में डूबीं
ओसीताजगदेपुर समेत आसपास के चार गांवों के किसानों को गंगा के बढ़ते पानी से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान बढ़ने की आशंका है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।
हरिद्वार बैराज से छोड़ा जा रहा पानी

स्थानीय स्तर पर गंगा का जलस्तर बढ़ने की एक बड़ी वजह पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश बताई जा रही है। बारिश के चलते हरिद्वार बैराज से लगातार गंगा नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी का असर गंगा के निचले क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है और अमरोहा के तिगरी क्षेत्र में जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
चारे के लिए भी ग्रामीण परेशान
बाढ़ जैसे हालात के बीच ग्रामीणों के सामने केवल फसल बचाने की चुनौती नहीं है, बल्कि पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। खेतों और आसपास के रास्तों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों को चारा लाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पानी से घिरे इलाकों में रोजमर्रा की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
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पानी के बीच फसल काट रहे किसान
खेतों में पानी भरने के बावजूद किसान अपनी बची हुई फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। कई किसान पानी में उतरकर फसल काटने और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में जुटे हैं। ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर खेतों तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जलस्तर पर प्रशासन की नजर

बाढ़ खंड तिगरी के जेई सुभाष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर पिछले कई दिनों से लगातार घट-बढ़ रहा है। विभाग की ओर से नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा स्थिति पर निगरानी बनाए रखी गई है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
खतरे के निशान से अभी दूर गंगा
जेई सुभाष कुमार के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। हालांकि पानी में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए विभाग पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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किसानों की बढ़ी चिंता
गंगा के बढ़ते पानी ने नदी किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबने के बाद किसान नुकसान को लेकर परेशान हैं। वहीं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि यदि गंगा का जलस्तर जल्द नीचे आता है तो स्थिति और खराब होने से बच सकती है। फिलहाल तिगरी और आसपास के गांवों में ग्रामीण गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।












