संभल के स्कूल में बड़ा हादसा: स्वतंत्रता दिवस पर छज्जा गिरा, मासूम की मौत

Sambhal News: संभल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान दर्दनाक हादसा हुआ। स्कूल का छज्जा अचानक भरभराकर गिरने से 8 वर्षीय बच्चे की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घायल हुए हैं।


August 15, 2026 by

Sambhal News Today: संभल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम उस समय मातम में बदल गया, जब एक निजी स्कूल के मुख्य गेट पर बना छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में मलबे के नीचे दबने से 8 साल के बच्चे निजामुद्दीन की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। दोनों घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल राहत-बचाव शुरू कर दिया।

कार्यक्रम देखने पहुंचे थे आसपास के बच्चे

यह दर्दनाक घटना असमोली थाना क्षेत्र के मदाला फतेहपुर गांव स्थित अलहसनैन पब्लिक स्कूल में शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल में पहले ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के घरों से भी कई बच्चे स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे के ऊपर चढ़ गए।

ज्यादा भार पड़ते ही टूट गया छज्जा

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, छज्जे पर बच्चों की संख्या बढ़ती चली गई। इसी दौरान अचानक छज्जा बच्चों का भार नहीं सह सका और भरभराकर नीचे आ गिरा। छज्जे के नीचे भी कुछ बच्चे मौजूद थे, जिसके चलते कई बच्चे मलबे की चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है। इसके बाद बच्चों को बचाने के लिए आसपास के लोग दौड़ पड़े।

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मलबा हटाकर बच्चों को निकाला बाहर

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए मलबा हटाना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद बच्चों को मलबे के नीचे से बाहर निकाला गया। हादसे में निजामुद्दीन, 11 वर्षीय सैफ अली और 10 वर्षीय शैदाना घायल हुए थे। तीनों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने 8 वर्षीय निजामुद्दीन को मृत घोषित कर दिया, जबकि सैफ अली और शैदाना का उपचार शुरू कर दिया गया।

घर से झंडा लेकर निकला था निजामुद्दीन

मृतक बच्चे की पहचान फतेहपुर गांव निवासी मोहम्मद नईम के बेटे निजामुद्दीन के रूप में हुई है। परिवार के मुताबिक, निजामुद्दीन की उम्र महज 8 साल थी और वह तीसरी कक्षा में पढ़ता था। शनिवार सुबह वह करीब 9 बजे घर से निकला था। वह अपने स्कूल के कार्यक्रम में नहीं, बल्कि अपने चचेरे भाइयों के स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह देखने गया था। परिवार को उस समय अंदाजा भी नहीं था कि घर से निकला उनका बच्चा वापस नहीं लौटेगा।

तीन बच्चों में सबसे छोटा था बेटा

निजामुद्दीन किसान मोहम्मद नईम का बेटा था। परिवार में उसकी दो बहनें फातिमा और उमामा हैं। निजामुद्दीन तीन बच्चों में तीसरे नंबर पर था। परिवार के लोगों के अनुसार, वह सामान्य दिनों की तरह ही स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखने के लिए निकला था। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर फैल गई।

चाचा ने बताया आंखों देखा हादसा

निजामुद्दीन के चाचा मोहम्मद सुभान ने बताया कि परिवार के कई बच्चे कार्यक्रम देखने के लिए स्कूल गए थे। सभी बच्चे अपने साथ तिरंगा लेकर निकले थे। कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चे स्कूल के छज्जे के ऊपर खड़े हो गए। अचानक छज्जा टूटकर नीचे गिर गया और उसके नीचे निजामुद्दीन समेत कई बच्चे दब गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को निकालने के लिए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया।

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सूचना मिलते ही प्रशासन में मचा हड़कंप

सूचना मिलते ही प्रशासन में मचा हड़कंप

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। SDM विकास चंद्र, CO असमोली अमन सिंह और थाना प्रभारी सुधीर पंवार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़ी जानकारी जुटाई। कुछ ही समय बाद जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी मौके पर पहुंच गए।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

डीएम और एसपी उस समय पुलिस लाइन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में मौजूद थे। हादसे की जानकारी मिलते ही दोनों अधिकारी कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से राहत-बचाव तथा घायल बच्चों के उपचार की जानकारी ली। बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचीं।

डीएम ने परिवार को सरकारी मदद का भरोसा दिया

डीएम ने परिवार को सरकारी मदद का भरोसा दिया

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के मुताबिक, स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। आसपास के कुछ बच्चे भी कार्यक्रम देखने पहुंचे थे और कुछ बच्चे स्कूल के छज्जे पर चढ़ गए। छज्जे के नीचे एक 8 वर्षीय बच्चा मौजूद था। बच्चों का भार अधिक होने के कारण छज्जा गिर गया और बच्चा उसके नीचे दब गया। डीएम ने बताया कि दो अन्य बच्चों को चोटें आई हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

पिता बोले- बच्चे की जिंदगी यहीं तक थी

हादसे में बेटे को खोने वाले मोहम्मद नईम ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे की जिंदगी शायद यहीं तक थी और परिवार की सरकार से कोई मांग नहीं है। बेटे की मौत के बाद पिता का यह बयान बेहद भावुक कर देने वाला है। परिवार अपने 8 साल के बच्चे को खोने के गहरे सदमे में है।

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स्कूल की इमारत करीब दो दशक पुरानी

पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि स्कूल की इमारत करीब 19 से 20 साल पुरानी बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत में कोई स्पष्ट खामी सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, छज्जे पर बच्चों की संख्या बढ़ने और अत्यधिक भार पड़ने के कारण वह नीचे गिर गया। हादसे में एक बच्चे की जान चली गई, जबकि दो बच्चों का इलाज जारी है।

CCTV फुटेज भी आया सामने

इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हादसे से पहले स्कूल परिसर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का माहौल दिखाई देता है। फुटेज सामने आने के बाद हादसे की गंभीरता और अचानक हुई घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

खुशियों के कार्यक्रम में छा गया मातम

स्वतंत्रता दिवस का दिन बच्चों के लिए उत्साह, तिरंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की खुशियों से भरा था, लेकिन कुछ ही क्षणों में वही कार्यक्रम एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। जिस बच्चे ने सुबह घर से झंडा लेकर कार्यक्रम देखने के लिए कदम बाहर रखा था, उसकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। हादसे के बाद अब स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा और ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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