UP Floods News: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे नदियों के जलस्तर ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। कहीं बाढ़ का पानी गांवों और सड़कों तक पहुंच गया है, तो कहीं खेत जलमग्न होने से फसलों पर संकट मंडरा रहा है। संतकबीरनगर, कुशीनगर, कानपुर, उन्नाव, अंबेडकरनगर, हरदोई, मऊ और मीरजापुर समेत कई इलाकों में प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं आगरा और बहराइच जैसे कुछ जिलों में जलस्तर स्थिर या कम होने से फिलहाल थोड़ी राहत मिली है।
कुशीनगर में नारायणी नदी का दबाव बढ़ा
कुशीनगर में नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से बांध किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी कई स्थानों पर बांध के करीब पहुंच गई है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में कटान का खतरा पैदा हो गया है। शुक्रवार सुबह नदी का डिस्चार्ज 84,500 क्यूसेक था, जो बाद में बढ़कर 98,200 क्यूसेक पहुंच गया। एपी बांध के किमी 14.500 पर अहिरौलीदान के कचहरी टोले के सामने नदी का दबाव बढ़ा है। नोनियापट्टी, बाघाचौर और बांकखास के आसपास भी कटान की आशंका बनी हुई है, जबकि जवहीं दयाल के सामने कई टोले पानी की चपेट में बताए गए हैं।
संतकबीरनगर में 48 घंटे में 35 सेंटीमीटर चढ़ी सरयू

संतकबीरनगर में सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी ने मांझा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 48 घंटे में नदी का जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़कर शुक्रवार शाम 78.80 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 79.40 मीटर है, यानी नदी उससे सिर्फ 60 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। इससे पहले पांच दिन पूर्व जलस्तर 78.95 मीटर तक पहुंचा था, जिसके बाद इसमें कमी आई थी। जलस्तर घटने पर नदी और एमबीडी महाबांध के बीच बसे करीब डेढ़ दर्जन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन अब फिर स्थिति चिंता बढ़ा रही है।
कानपुर में चेतावनी बिंदु के करीब पहुंची गंगा
कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चमोली में बादल फटने, लगातार बारिश और नहरों में बढ़े पानी का असर यहां भी दिखाई दे रहा है। कटरी क्षेत्रों में पानी भरने से खेतों की फसलें डूब गई हैं। चौबीस घंटे में गंगा का जलस्तर आठ सेंटीमीटर बढ़ा और शुक्रवार को शुक्लागंज में यह 112.28 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 112.20 मीटर था। चेतावनी बिंदु 113 मीटर है, यानी नदी उससे केवल 72 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
गांवों में नावों की तैयारी, फसलों पर मंडराया संकट
बिठूर से लगे गंगा किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नावों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। कटरी इलाके में खेतों में पानी भरने से फसलें प्रभावित हुई हैं। गंगा से जुड़ी नहरों में भी जलस्तर बढ़ने के कारण आगे और पानी आने की आशंका जताई गई है।
उन्नाव में चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही गंगा

उन्नाव में गंगा का जलस्तर नौ सेंटीमीटर और बढ़ गया है और नदी चेतावनी बिंदु से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। पश्चिमी गंगाघाट में गोताखोर, शाहीनगर और करबला मुहल्लों के आगे दो सौ से अधिक मकान पानी से घिरे बताए गए हैं। कई लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन ने आवाजाही के लिए 15 सरकारी नावें लगाई हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक जलस्तर गुरुवार शाम 112.200 मीटर था, जो शुक्रवार शाम बढ़कर 112.290 मीटर हो गया।
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अंबेडकरनगर में आबादी की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी
अंबेडकरनगर में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक इसमें 29 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से महज 19 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया। टांडा क्षेत्र के दिलशेर का पूरा और जालिम का पूरा में बाढ़ का पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। आलापुर के अराजी देवारा में कटान भी तेज हो गई है। केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का अनुमान जताया है और स्थिति ऐसी ही रही तो शनिवार तक नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। ग्रामीणों ने रास्तों पर पानी पहुंचने और सांप जैसे विषैले जीवों के खतरे की भी चिंता जताई है।
बहराइच में घाघरा का जलस्तर घटा, फिलहाल राहत
बहराइच में बैराजों से पानी के डिस्चार्ज में कमी आने के बाद घाघरा नदी का जलस्तर फिर घटने लगा है। घाघराघाट स्थित एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 105.86 मीटर था, जबकि खतरे का निशान 106.07 मीटर है। गुरुवार को यह 106.03 मीटर तक पहुंच गया था। प्रशासन ने फिलहाल बाढ़ की स्थिति से इनकार किया है और बताया कि शारदा बैराज से डिस्चार्ज कम होने के बाद जलस्तर में कमी आई है।
सीतापुर में जलस्तर स्थिर, लेकिन कटान और बीमारी की चिंता
सीतापुर में नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है, लेकिन किनारों पर आंशिक कटान जारी है। बैराजों से गुरुवार रात 2,88,687 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। घाघरा नदी खतरे के निशान से 1.33 मीटर और शारदा नदी 0.79 मीटर नीचे बह रही थी। निचले इलाकों में हल्का पानी खेतों तक पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद गांवों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
हरदोई में खतरे के निशान से सिर्फ तीन सेंटीमीटर दूर गंगा
हरदोई में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। राजघाट में नदी का जलस्तर खतरे के निशान 125.81 मीटर से केवल तीन सेंटीमीटर नीचे 125.78 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के साथ सेमरा समेत करीब आधा दर्जन गांवों में कृषि योग्य भूमि का तेजी से कटान हो रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और खेतों के नदी में समाने का खतरा बढ़ गया है।
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आगरा में टली बड़ी आफत, यमुना-चंबल का जलस्तर स्थिर

आगरा में फिलहाल बाढ़ का खतरा कम हुआ है। यमुना के बाद चंबल नदी का जलस्तर भी स्थिर हो गया। गुरुवार को चंबल का जलस्तर 120 मीटर रहा, जबकि खतरे का निशान 132 मीटर है। यमुना का जलस्तर भी मामूली कमी के साथ 149.09 मीटर के आसपास रहा। गोकुल बैराज से गुरुवार को 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। प्रशासन के अनुसार दोनों नदियों में फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है और जलस्तर में कमी आ रही है।
वाराणसी में गंगा बढ़ी, लेकिन चेतावनी स्तर से काफी नीचे
वाराणसी में गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों में दो सेंटीमीटर की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह जलस्तर 63.59 मीटर था, जबकि 13 अगस्त को यह 63.57 मीटर दर्ज हुआ था। हालांकि बढ़ोतरी हुई है, लेकिन नदी अभी चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से काफी नीचे है। शहर में जल पुलिस ने प्रमुख घाटों पर सतर्कता बढ़ा दी है और श्रद्धालुओं से बैरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने तथा गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की जा रही है। नाविकों को भी निर्धारित सीमा और क्षमता के अनुसार नौका संचालन करने की हिदायत दी गई है।
मऊ में 24 घंटे में 17 सेंटीमीटर बढ़ी सरयू
मऊ में सरयू नदी के जलस्तर में चौबीस घंटे के भीतर 17 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। शुक्रवार को जलस्तर 69.57 मीटर पर पहुंच गया, जबकि खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी अब खतरे के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से देवारा क्षेत्र में कटान और फसलों के जलमग्न होने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग ने तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी और बंधों की पेट्रोलिंग तेज कर दी है।
मीरजापुर में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर
मीरजापुर में दो दिनों की कमी के बाद गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी के साथ शुक्रवार सुबह आठ बजे जलस्तर 68.530 मीटर पहुंच गया। दो घंटे में करीब एक सेंटीमीटर पानी बढ़ने की जानकारी सामने आई। हालांकि चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है, इसलिए फिलहाल नदी इन स्तरों से नीचे है। बारिश का पानी नदी-नालों के रास्ते गंगा में पहुंचने को जलस्तर बढ़ने की वजह बताया गया है। प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी है।
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चंदौली में राज्य मंत्री ने बाढ़ चौकी का किया निरीक्षण

चंदौली में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं उद्योग राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने मारुफपुर बाढ़ चौकी और गंगा किनारे के घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। अधिकारियों को राहत शिविरों में पीने का पानी, दवाएं, भोजन और पशुओं के चारे की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन के अनुसार तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारी संभावित प्रभावित इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं तथा बाढ़ से निपटने के लिए कंट्रोल रूम और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
UP Flood Alert में कहीं खतरा, कहीं राहत की स्थिति
उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर की तस्वीर फिलहाल एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में नदियां खतरे और चेतावनी बिंदु के बेहद करीब पहुंच रही हैं, तो कुछ स्थानों पर पानी घटने से प्रशासन को राहत मिली है। कुशीनगर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर, कानपुर, उन्नाव, हरदोई और मऊ जैसे इलाकों में बढ़ते जलस्तर और कटान पर विशेष नजर है। दूसरी ओर बहराइच और आगरा में स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रित बताई गई है। प्रशासनिक टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी, नावों की व्यवस्था, बंधों की पेट्रोलिंग और राहत तैयारियों पर जोर दे रही हैं।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।
