लखनऊ में अनियंत्रित होकर पलटी ट्रॉली: 4 मजदूरों ने मौके पर तोड़ा दम, इलाके में पसरा मातम

Lucknow Accident: लखनऊ में सुल्तानपुर हाईवे पर बड़ा हादसा हो गया। गंगागंज के पास ईंटों से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार मजदूर ईंटों के नीचे दब गए। रेस्क्यू के बाद चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां सभी को मृत घोषित कर दिया गया।


August 15, 2026 by

Lucknow Accident News: लखनऊ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों को हमेशा के लिए गहरे सदमे में डाल दिया। सुल्तानपुर हाईवे पर गंगागंज के पास ईंटों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली पर सवार चार मजदूर भारी मात्रा में लदी ईंटों के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सुबह करीब 4:45 बजे पलटी ट्रॉली

पुलिस के मुताबिक यह हादसा शनिवार यानी 15 अगस्त की सुबह करीब 4:45 बजे हुआ। बताया गया कि ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली गंगागंज के पास सुल्तानपुर हाईवे से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक चालक का ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रॉली सड़क पर पलट गई। ट्रॉली में भारी मात्रा में ईंटें लदी होने के कारण उसके नीचे बैठे मजदूर खुद को बचा नहीं सके और ईंटों के ढेर में दब गए।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीमें

हादसे की जानकारी मिलते ही गोसाईगंज थाना पुलिस सक्रिय हुई और पुलिस टीम के साथ फायर ब्रिगेड तथा एनएचएआई की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची टीमों ने सबसे पहले ट्रॉली के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। भारी मात्रा में ईंटें होने के कारण राहत और बचाव अभियान में काफी मुश्किलें सामने आईं।

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क्रेन से हटाई गईं भारी ईंटें

क्रेन से हटाई गईं भारी ईंटें

मजदूरों को बाहर निकालने के लिए एनएचएआई से क्रेन मंगाई गई। पुलिस और राहत टीमों ने क्रेन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसके नीचे दबे ईंटों के ढेर को हटाना शुरू किया। करीब आधे घंटे तक लगातार मशक्कत के बाद चारों मजदूरों को बाहर निकाला जा सका। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोसाईगंज भेजा गया।

अस्पताल पहुंचते ही तीन मजदूरों ने तोड़ा दम

सीएचसी गोसाईगंज में डॉक्टरों ने पीतांबर रावत, संदीप रावत और पवन रावत को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में बलराम रावत गंभीर रूप से घायल हुआ था। डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे पीजीआई ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। लेकिन जिंदगी और मौत से जूझ रहे बलराम ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।

एक ही ईंट भट्ठे पर करते थे चारों काम

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसे में जान गंवाने वाले चारों मजदूर कोठी थाना क्षेत्र के अचकामऊ स्थित देशराज के आरबीएफ ईंट भट्ठे पर काम करते थे। पीतांबर रावत ट्रैक्टर चलाने का काम करता था, जबकि संदीप रावत, पवन रावत और बलराम रावत ईंटों को लादने और उतारने का काम करते थे। हादसे के वक्त चारों मजदूर भट्ठे से ईंट लेकर निकले थे।

एक ही गांव के थे चारों मजदूर

इस हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि चारों मृतक एक ही गांव के रहने वाले थे। रोजी-रोटी के लिए एक साथ काम करने वाले इन मजदूरों की एक ही हादसे में मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। स्वतंत्रता दिवस की सुबह जहां लोग देशभक्ति के जश्न में डूबे थे, वहीं इन चार परिवारों में अचानक मातम छा गया।

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चार अर्थियां उठने से गांव में पसरा मातम

एक साथ चार मजदूरों की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में एक साथ चार अर्थियां उठने की खबर ने हर किसी को झकझोर दिया। मृतकों के परिवारों और ग्रामीणों के लिए यह स्वतंत्रता दिवस जिंदगी भर न भूल पाने वाला दुख बन गया।

पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच

हादसे के बाद पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ट्रॉली अनियंत्रित होकर क्यों पलटी। हादसे में वाहन की स्थिति, सड़क की परिस्थितियों और चालक से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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