Moradabad News in Hindi: मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर वन विभाग और जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। तहसील ठाकुरद्वारा के ग्राम लालापुर पीपलसाना क्षेत्र में सक्रिय तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों पर तेंदुओं के हमले की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में निगरानी और रेस्क्यू अभियान बढ़ा दिया है।
16 ट्रैप केज से घेरा मजबूत
वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए क्षेत्र में कुल 16 ट्रैप केज लगाए हैं। इसके साथ ही थर्मल इमेजिंग ड्रोन और ट्रैंक्विलाइजिंग टीमें भी सक्रिय की गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरत पड़ने पर ट्रैप केज और रेस्क्यू टीमों की संख्या और बढ़ाई जाए, ताकि तेंदुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके।
थर्मल ड्रोन से मिली अहम जानकारी
रेस्क्यू अभियान के दौरान थर्मल इमेजिंग तकनीक से तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। डीएम मुरादाबाद डॉ. राजेंद्र पैंसिया के मुताबिक, थर्मल इमेजिंग ड्रोन के जरिए इलाके में दो मादा तेंदुओं और उनके साथ मौजूद दो शावकों की पहचान हुई है। इनकी उम्र करीब डेढ़ साल बताई गई है और वे अब लगभग वयस्क हो चुके हैं।
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जंगल और गन्ने के खेत में फर्क मुश्किल
डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि इलाके में तेंदुओं के हमले का खतरा इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि जंगल और गन्ने के खेतों के बीच अंतर करना मुश्किल है। तेंदुए गन्ने के खेतों में आसानी से छिप सकते हैं और खेतों में काम करने के लिए जाने वाले लोगों पर हमला कर सकते हैं। इसी वजह से ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग के साथ प्रशासन भी मैदान में

तेंदुए को पकड़ने के अभियान में वन विभाग के करीब 18 से 20 अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी लगातार सहयोग कर रही हैं। अधिकारियों के साथ स्थानीय ग्रामीणों को भी रेस्क्यू अभियान का हिस्सा बनाया गया है, ताकि तेंदुओं की गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सके और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
गांव में चौपाल लगाकर दी गई जानकारी
ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए गांव में चौपाल का आयोजन भी किया गया। इसमें ग्रामीणों को बताया गया कि तेंदुए की मौजूदगी के दौरान किन सावधानियों का पालन करना जरूरी है। साथ ही रेस्क्यू टीमों को तेंदुए पकड़ने के दौरान आवश्यक सहयोग देने और बिना सूचना के जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई।
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जल्द सुरक्षित रेस्क्यू का लक्ष्य
जिला प्रशासन का लक्ष्य तेंदुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुओं की लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है और थर्मल ड्रोन की मदद से उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है। जरूरत के अनुसार रेस्क्यू टीमों और पिंजरों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि अभियान को तेजी से पूरा किया जा सके।
ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों और गन्ने के इलाकों में जाते समय विशेष सतर्कता बरतें। तेंदुए दिखाई देने या उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने पर खुद उसका पीछा करने के बजाय वन विभाग और प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ने और भविष्य में होने वाली घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।
