पति का कत्ल कर गायब कर दिए अवशेष: यूपी के इस हत्याकांड से उड़े सब के होश!

Mathura Crime News: मथुरा में अपनों ने ही रच डाली कत्ल की खौफनाक पटकथा। लापता मनोज सोनी की हत्या में पत्नी, बेटी और उसका दोस्त गिरफ्तार; पूरा सच जानकर पुलिस के भी उड़े होश।


August 8, 2026 by

Mathura Crime News: उत्तर प्रदेश के मथुरा से पति की हत्या से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, राधाकृष्ण वाटिका निवासी मनोज सोनी 17 अप्रैल की रात से लापता थे। करीब चार महीने तक उनका कोई सुराग नहीं मिला। अब पुलिस पूछताछ में उनकी पत्नी नैना, बेटी और बेटी के दोस्त विमल ने मनोज की हत्या करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि मनोज को पहले दूध में नशीला पदार्थ देकर सुलाया गया और इसके बाद उसके सिर पर मूसली से वार किया गया।

शव के अवशेष की तलाश

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पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को रात में ही अक्रूर घाट के समीप ले जाया गया, जहां उसे जला दिया गया। इस मामले की सबसे बड़ी पेचीदगी यह है कि पुलिस को अभी तक मनोज के शव या उसके अवशेष बरामद नहीं हुए हैं। यही वजह है कि पुलिस मामले की जांच को कई एंगल से आगे बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कबूलनामे के साथ-साथ ठोस भौतिक साक्ष्य जुटाना भी जरूरी है।

अप्रैल से गायब थे मनोज

जानकारी के मुताबिक, मनोज सोनी राधाकृष्ण वाटिका क्षेत्र में रहते थे और समीप की गोशाला में गोसेवा का काम करते थे। परिवार के मुताबिक, 17 अप्रैल की रात के बाद से मनोज अचानक लापता हो गए। शुरुआती तौर पर उनकी पत्नी नैना की ओर से उनके गायब होने की जानकारी पुलिस को दी गई थी। हालांकि, बाद में इसी गुमशुदगी की शिकायत को वापस लिए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।

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शिकायत वापस लेने से शक

मृतक के भाई रामबाबू के अनुसार, 21 जुलाई को मनोज की पत्नी नैना अपने देवर के साथ गोविंद नगर थाने पहुंची थी और बताया था कि मनोज 17 अप्रैल की रात से लापता हैं। लेकिन कुछ ही समय बाद पुलिस से जानकारी मिली कि मनोज की गुमशुदगी को लेकर दी गई तहरीर उनकी पत्नी ने अगले ही दिन वापस ले ली थी। शिकायत वापस लेने की वजह स्पष्ट नहीं होने पर मनोज के भाई को भाभी पर शक होने लगा।

घर पर लगा था ताला

घर पर लगा था ताला

रामबाबू के मुताबिक, जब उन्होंने मामले को गंभीरता से लेना शुरू किया तो उन्हें पता चला कि मनोज की पत्नी नैना अपनी बेटी के साथ घर में ताला लगाकर कहीं चली गई हैं। घर बंद मिलने के बाद संदेह और गहरा गया। इसके बाद रामबाबू ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और मनोज की पत्नी, बेटी तथा बेटी के दोस्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

जमीन और मकान का भी जिक्र

पुलिस को दी गई शिकायत में मनोज के भाई ने परिवार की संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी दी। बताया गया कि तीनों भाइयों ने मिलकर जमीन बेचकर राधाकृष्ण वाटिका में मकान बनवाए थे। आरोप है कि मनोज ने अपने हिस्से के मकान का बैनामा पत्नी नैना के नाम करा दिया था। रामबाबू ने यह भी बताया कि नैना सात जून से बच्चों को लेकर घर पर ताला लगाकर कहीं चली गई थी और उसका कोई पता नहीं चल रहा था।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले में संदेह बढ़ने के बाद पुलिस ने मनोज के भाई रामबाबू की तहरीर के आधार पर पत्नी नैना, बेटी और बेटी के दोस्त विमल के खिलाफ अपहरण और हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मनोज की हत्या किए जाने की बात स्वीकार की।

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दूध में नशीला पदार्थ देने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि 17 अप्रैल की रात मनोज और उनकी पत्नी के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान पत्नी ने मनोज को दूध में नशीला पदार्थ देकर सुला दिया। आरोप है कि मनोज के सो जाने के बाद उनके सिर पर मसाला कूटने वाली मूसली से वार किया गया। पुलिस के अनुसार, गंभीर चोट लगने के बाद मनोज की मौत हो गई।

रात में शव ठिकाने लगाने का आरोप

रात में शव ठिकाने लगाने का आरोप

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मनोज की मौत के बाद शव को रात में ही अक्रूर घाट के पास ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, वहां शव को जला दिया गया। अब पुलिस उस स्थान और उसके आसपास शव के अवशेषों की तलाश कर रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस को ऐसे अवशेष नहीं मिले हैं, जिनसे मृतक की पहचान और हत्या की पूरी घटना को वैज्ञानिक तौर पर स्थापित किया जा सके।

परिवार को नहीं मिले अवशेष

मनोज के परिवार के लिए इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि लंबे समय से लापता बताए जा रहे मनोज के शव का अभी तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है। पुलिस की टीम उन संभावित स्थानों पर जांच कर रही है, जहां आरोपियों के बयान के अनुसार शव को ले जाया गया था। फोरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस कई एंगल से कर रही जांच

SSP Shlok Kumar

पुलिस का कहना है कि केवल पूछताछ में सामने आए बयानों के आधार पर जांच को अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया जा सकता। इसलिए पुलिस मनोज के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जानकारी खंगालने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा मृतक के रिश्तेदारों, दोस्तों, परिचितों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि 17 अप्रैल की रात से जुड़ी पूरी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

मारपीट की बात भी सामने आई

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने यह दावा किया कि मनोज अक्सर मारपीट करते थे और परिवार के लोग इससे परेशान थे। इसी कथित घरेलू विवाद को हत्या की वजह बताया गया है। हालांकि, पुलिस इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है कि वास्तव में परिवार में किस तरह का विवाद चल रहा था और क्या हत्या के पीछे यही कारण था या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी।

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मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं

मथुरा पुलिस इस मामले को गंभीरता से जांच रही है। पत्नी, बेटी और उसके दोस्त द्वारा हत्या की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद पुलिस अभी ठोस सबूत जुटाने पर जोर दे रही है। शव के अवशेषों की बरामदगी, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और आरोपियों के बयानों का मिलान जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सबूतों से तय होगी सच्चाई

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मनोज के शव या उसके अवशेष बरामद करना है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 17 अप्रैल की रात वास्तव में क्या हुआ था, घटना में कौन-कौन शामिल था और हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था। जांच पूरी होने और पर्याप्त साक्ष्य सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

मथुरा में सनसनी

पति के अचानक लापता होने, गुमशुदगी की शिकायत वापस लेने, परिवार के सदस्यों के घर से चले जाने और फिर पुलिस पूछताछ में हत्या की कहानी सामने आने से पूरे मामले ने सनसनी पैदा कर दी है। फिलहाल पुलिस की निगाहें अक्रूर घाट और आसपास के क्षेत्र में संभावित अवशेषों की तलाश के साथ-साथ उन सभी सबूतों पर हैं, जो इस हत्या की सच्चाई को पूरी तरह सामने ला सकें।

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