Amroha News Hindi: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में गजरौला पुलिस ने फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके कब्जे से 14 पीड़ित युवकों को सकुशल मुक्त कराया गया। आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 20 आवेदन पत्र, कूटरचित स्टाम्प पेपर, तीन रजिस्टर, दो डायरी, 39,500 रुपये नकद और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पीड़ित की शिकायत से खुला रैकेट का राज
पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र के सिरसखेड़ा निवासी सचिन ने गजरौला थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि कुछ लोग नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से मोटी रकम वसूल रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66D तथा प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम (बैनिंग) एक्ट 1978 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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पुलिस ने दबिश देकर 14 युवाओं को कराया आजाद
मुकदमा दर्ज होने के बाद गजरौला पुलिस ने शिकायतकर्ता को साथ लेकर ग्राम गंगानगर स्थित बताए गए ठिकाने पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं उनके कब्जे से 14 ऐसे युवाओं को मुक्त कराया गया, जिन्हें कथित रूप से जबरन वहां रोका गया था।
पूछताछ और पीड़ितों के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में बंधक बनाने, अवैध तरीके से रोकने और अन्य गंभीर धाराओं की भी बढ़ोतरी की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
‘भारत एसोसिएट’ के नाम पर चल रही थी फर्जी कंपनी

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे भारत एसोसिएट (BHARAT ASSOCIATE) नाम से एक कंपनी संचालित करते थे। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर कार्यालय बुलाया जाता था। यहां पहुंचने के बाद अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग के नाम पर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक वसूले जाते थे।
इसके बाद नौकरी देने के बजाय उन्हें नेटवर्क मार्केटिंग और मनी सर्कुलेशन स्कीम के जरिए नए लोगों को जोड़ने के लिए मजबूर किया जाता था, ताकि लगातार पैसे का नेटवर्क बढ़ता रहे।
स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराते थे आरोपी
जांच में सामने आया कि आरोपियों द्वारा अभ्यर्थियों से 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए जाते थे। पुलिस के मुताबिक इन दस्तावेजों का इस्तेमाल भविष्य में शिकायत करने वाले युवाओं को डराने या कानूनी दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
यदि कोई युवक पैसे वापस मांगता या इस नेटवर्क का हिस्सा बनने से इनकार करता, तो उसके साथ मारपीट, धमकी और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। इतना ही नहीं, उन्हें बाहर जाने या किसी से संपर्क करने की भी अनुमति नहीं दी जाती थी।
युवाओं को बंधक बनाकर तैयार किया जा रहा था नेटवर्क
पुलिस की पूछताछ और मुक्त कराए गए पीड़ितों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झूठा सपना दिखाकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनसे पैसे ऐंठकर उन्हें ही नए लोगों को जोड़ने के लिए मजबूर किया जाता था।
इस तरह आरोपियों ने अवैध नेटवर्क मार्केटिंग और मनी सर्कुलेशन स्कीम के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया और करोड़ों रुपये का नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की।
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इन राज्यों और जिलों के हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, बस्ती, रामपुर तथा उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के निवासी शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।
14 पीड़ितों को सुरक्षित निकाला गया
गजरौला पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 पीड़ितों को सुरक्षित मुक्त कराया है। ये सभी दिल्ली, उत्तराखंड, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की गई।
बरामद सामान ने खोली ठगी की पूरी कहानी
छापेमारी के दौरान बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, आवेदन पत्र, स्टाम्प पेपर, रजिस्टर, डायरी और अन्य दस्तावेज पुलिस जांच में अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे गिरोह के पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।






