यूपी की सभी 403 विधानसभाओं में आज भाजपा का मेगा बूथ सम्मेलन, सीएम योगी समेत दिग्गज नेता मैदान में

UP Politics: उत्तर प्रदेश में भाजपा ने मिशन 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए आज सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, जबकि 1.77 लाख से अधिक बूथों का सत्यापन भी किया जाएगा।


July 22, 2026 • by

UP Politics News: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिशन 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को नई गति दे दी है। बुधवार को प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर एक साथ बूथ सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath), प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय और प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी अलग-अलग जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाना तथा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बूथ नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय करना है।

बूथ संगठन की होगी व्यापक समीक्षा

भाजपा के इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के 1,918 मंडलों में गठित लगभग 1,77,516 बूथों का एक ही दिन में सत्यापन किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व बूथ अध्यक्षों की रैंडम जांच भी करेगा। यदि किसी बूथ अध्यक्ष की अनुपस्थिति या संगठनात्मक कमजोरी सामने आती है तो संबंधित जिलाध्यक्ष उसकी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेजेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बूथ पर सक्रिय और प्रभावी टीम मौजूद रहे।

एसआईआर के बाद बूथों की संख्या में बदलाव संभव

पार्टी सूत्रों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाताओं की संख्या में बदलाव के कारण प्रदेश में बूथों की संख्या में करीब 10 हजार तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में भाजपा वर्तमान बूथ संरचना का नए सिरे से मूल्यांकन कर रही है ताकि संगठनात्मक ढांचा चुनावी जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके।

बूथ प्रबंधन पर फिर से विशेष फोकस

भाजपा की चुनावी रणनीति में बूथ प्रबंधन हमेशा सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव, 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत का बड़ा कारण मजबूत बूथ नेटवर्क रहा था। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के वोट प्रतिशत और कुछ क्षेत्रों में संगठनात्मक पकड़ कमजोर पड़ने के संकेत मिले। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए भाजपा अब बूथ स्तर पर नई ऊर्जा और सक्रियता लाने में जुटी है।

मिशन 2027 की रणनीति पहले ही हो चुकी है तैयार

प्रदेश संगठन में नई नियुक्तियों के बाद भाजपा लगातार संगठनात्मक बैठकों का आयोजन कर रही है। 25 जून को प्रदेश इकाई और क्षेत्रीय अध्यक्षों के नाम तय होने के बाद चार और पांच जुलाई को राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद 11 जुलाई को प्रदेश स्तर की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। पहले यह कार्यक्रम 19 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 22 जुलाई कर दिया गया।

नेम प्लेट और सत्यापन के पीछे बड़ा संदेश

इस बार बूथ सम्मेलन में बूथ अध्यक्षों की नेम प्लेट को विशेष रूप से बड़ा रखा गया है। राजनीतिक जानकार इसे बूथ अध्यक्षों को संगठन में अधिक पहचान और जिम्मेदारी देने के संकेत के रूप में देख रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक बूथ का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। पहले कई बार ऐसी शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ बूथ समितियां केवल कागजों पर ही मौजूद हैं और वास्तविक स्तर पर उनका कोई सक्रिय ढांचा नहीं है। इस बार पार्टी ऐसे मामलों को पूरी तरह समाप्त करना चाहती है।

पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों की भी होगी भागीदारी

भाजपा ने इस सम्मेलन में वर्तमान और पूर्व सांसदों, विधायकों, जिला पदाधिकारियों तथा संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी शामिल होने के निर्देश दिए हैं। विधानसभा स्तर पर एक कार्यक्रम संयोजक नियुक्त किया गया है, जो संबंधित विधायक या वर्ष 2022 में चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों के साथ समन्वय स्थापित करेगा। प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल को पूरे कार्यक्रम का संयोजक बनाया गया है, जबकि प्रदेश मंत्री शिव भूषण सिंह और राहुल वाल्मीकि सह-संयोजक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इन जिलों में पहुंचेंगे भाजपा के बड़े चेहरे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गोरखपुर की सदर और देहात विधानसभा में बूथ सम्मेलन में शामिल होंगे। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी सीतापुर की लहरपुर विधानसभा पहुंचेंगे, जबकि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बरेली शहर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शाहजहांपुर की जलालाबाद विधानसभा में मौजूद रहेंगे और प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह वाराणसी में आयोजित सम्मेलन में भाग लेंगे।

कई वरिष्ठ नेता भी संभालेंगे मोर्चा

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी बुलंदशहर की शिकारपुर विधानसभा में कार्यकर्ताओं के बीच रहेंगे। स्वतंत्रदेव सिंह मोहनलालगंज, रमापति राम त्रिपाठी बलिया सदर, मंत्री जेपीएस राठौर मथुरा की गोवर्धन विधानसभा, मंत्री ए.के. शर्मा लखनऊ मध्य तथा एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल सरोजिनीनगर विधानसभा में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेगा और आगामी चुनावों के लिए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास करेगा।

मिशन 2027 की नींव मजबूत करने की तैयारी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह राज्यव्यापी बूथ सम्मेलन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि मिशन 2027 विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। बूथ सत्यापन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, नेतृत्व की सीधी भागीदारी और संगठनात्मक समीक्षा के जरिए पार्टी अपने चुनावी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। आने वाले महीनों में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से भाजपा जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

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