बिना दवा के फैटी लिवर होगा कम? डॉक्टर ने बताई वो एक्सरसाइज, जो लिवर की सेहत में करेगी सुधार

Fatty Liver: फैटी लिवर को कम करने के लिए सिर्फ वजन घटाना ही जरूरी नहीं है। जानिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डंबल एक्सरसाइज और 3 हेल्दी ड्रिंक्स कैसे लिवर की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।


October 31, 2026 • by

Fatty Liver Exercises: फैटी लिवर (Fatty Liver) आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता वजन और बिगड़ती जीवनशैली के कारण लोगों के लिवर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते, लेकिन समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

आमतौर पर फैटी लिवर से पीड़ित लोगों को वजन कम करने, खानपान में सुधार करने और नियमित एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। अच्छी बात यह है कि लिवर में जमा फैट कम करने के लिए केवल वजन घटाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि कुछ खास एक्सरसाइज भी इसमें मदद कर सकती हैं।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बताया फायदेमंद

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी के मुताबिक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग यानी मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज लिवर की सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती हैं। उनका कहना है कि कई लोग यह मानते हैं कि फैटी लिवर को ठीक करने के लिए पहले वजन कम करना जरूरी है, जबकि कुछ मामलों में वजन में ज्यादा बदलाव किए बिना भी लिवर में जमा फैट को कम किया जा सकता है। इसके लिए नियमित रेजिस्टेंस ट्रेनिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

डॉक्टर सेठी ने एक क्लिनिकल स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि आठ सप्ताह तक रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने से लिवर में जमा फैट में करीब 13 प्रतिशत तक की कमी देखी गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में भी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को लिवर की सेहत के लिए महत्वपूर्ण आदत बताया। हालांकि, इसका फायदा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और एक्सरसाइज की नियमितता पर निर्भर कर सकता है।

डंबल और रेजिस्टेंस बैंड से करें शुरुआत

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग ऐसी एक्सरसाइज का समूह है, जिसमें मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए शरीर पर नियंत्रित दबाव डाला जाता है। इसमें डंबल उठाना, रेजिस्टेंस बैंड से व्यायाम करना और अपने शरीर के वजन का इस्तेमाल करके एक्सरसाइज करना शामिल है। इन गतिविधियों से मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और शरीर की मेटाबॉलिक क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

फैटी लिवर से परेशान लोग अपनी क्षमता के अनुसार हल्के डंबल से शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा स्क्वाट्स, वॉल पुशअप्स और अन्य आसान बॉडीवेट एक्सरसाइज भी रूटीन में शामिल की जा सकती हैं। शुरुआत में बहुत ज्यादा वजन उठाने या कठिन व्यायाम करने से बचना चाहिए।

इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर करती है स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का फायदा सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत बनाने तक सीमित नहीं है। यह शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकती है। इंसुलिन एक हार्मोन है, जो खून में मौजूद ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है।

जब मांसपेशियां ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल करने लगती हैं, तो शरीर के मेटाबॉलिज्म पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को फैटी लिवर और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए उपयोगी माना जाता है।

हफ्ते में 2-3 दिन जरूर करें ये एक्सरसाइज

लिवर की सेहत को बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने की सलाह दी जाती है। इसके लिए जिम जाना जरूरी नहीं है। आप घर पर भी हल्के डंबल, रेजिस्टेंस बैंड और बॉडीवेट एक्सरसाइज की मदद से शुरुआत कर सकते हैं।

शुरुआत में अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार कम समय तक व्यायाम करें और धीरे-धीरे इसकी अवधि और कठिनाई बढ़ाएं। इसके साथ ही रोजाना पैदल चलना, हल्की जॉगिंग या साइकिल चलाना भी फायदेमंद हो सकता है। ध्यान रखें कि नियमित व्यायाम का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म और अंदरूनी अंगों की सेहत को बेहतर बनाना भी है।

ये 3 ड्रिंक्स भी लिवर हेल्थ के लिए हो सकती हैं फायदेमंद

एक्सरसाइज के साथ कुछ पेय पदार्थ भी लिवर की सेहत को सपोर्ट करने वाले पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं। डॉक्टर सौरभ सेठी ने चुकंदर का जूस, कॉफी और ग्रीन टी को ऐसे विकल्पों में शामिल किया है, जिनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य प्राकृतिक तत्व स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

चुकंदर का जूस पीने से मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट

चुकंदर में बीटालेन जैसे प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर के मुताबिक चुकंदर का जूस सीमित मात्रा में पीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसमें प्राकृतिक शुगर भी मौजूद होती है, इसलिए खासकर डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

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लिवर की सेहत से जुड़ा है कॉफी का सेवन

कॉफी को लेकर कई अध्ययनों में लिवर की सेहत से जुड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में कॉफी पीने का संबंध फैटी लिवर और लिवर में फाइब्रोसिस यानी निशान पड़ने के कम जोखिम से देखा गया है। डॉक्टर सौरभ सेठी भी बिना चीनी वाली कॉफी पीने की सलाह देते हैं।

ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी हैं उपयोगी

ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों में ग्रीन टी के सेवन और लिवर की बेहतर सेहत के बीच सकारात्मक संबंध देखने को मिला है। इसे बिना चीनी के पीना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों पर आधारित है। फैटी लिवर की समस्या में एक्सरसाइज, खानपान और जीवनशैली में बदलाव मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनसे हर व्यक्ति का फैटी लिवर ठीक होने की गारंटी नहीं है। किसी भी एक्सरसाइज या डाइट प्लान को शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अगर आपको पहले से लिवर की बीमारी, डायबिटीज, हृदय संबंधी समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य परेशानी है तो बिना चिकित्सकीय सलाह के कठिन एक्सरसाइज न करें। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं अपनी मर्जी से बंद न करें।

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