Drooling During Sleep: सुबह नींद खुलने पर अगर तकिए पर लार के निशान दिखाई देते हैं, तो इसे हमेशा सामान्य आदत समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। कभी-कभी सोने की स्थिति के कारण ऐसा हो सकता है, लेकिन बार-बार सोते समय मुंह से लार निकलना नाक बंद होने, एलर्जी, मुंह से सांस लेने, निगलने में परेशानी या स्लीप एपनिया जैसी समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। खासकर अगर इसके साथ तेज खर्राटे, रात में बार-बार नींद खुलना या सुबह थकान महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।
1. सुबह तकिए पर लार के निशान क्यों दिखाई देते हैं?
सोते समय मुंह से लार निकलने की समस्या को मेडिकल भाषा में स्लीप ड्रूलिंग कहा जाता है। कई बार करवट लेकर या पेट के बल सोने से मुंह थोड़ा खुला रह जाता है और लार बाहर निकलकर तकिए पर लग जाती है। कभी-कभार ऐसा होना आम बात हो सकती है। हालांकि, अगर रोजाना तकिए पर लार के निशान मिलते हैं या पहले ऐसा नहीं होता था और अब अचानक होने लगा है, तो इसके पीछे की वजह पर ध्यान देना चाहिए।
2. मुंह में ज्यादा लार बनना भी हो सकता है कारण
मुंह में बनने वाली लार भोजन को निगलने और मुंह को नम बनाए रखने में मदद करती है। आमतौर पर व्यक्ति बिना किसी परेशानी के लार निगलता रहता है। लेकिन कुछ लोगों में लार ज्यादा बनने या उसे निगलने में परेशानी होने के कारण सोते समय लार मुंह से बाहर निकलने लगती है। मुंह और दांतों से जुड़ी समस्याएं, कुछ दवाओं का असर और निगलने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली स्थितियां भी इसकी वजह बन सकती हैं। अगर दिन में भी लार बार-बार बाहर निकलती है या पानी और खाना निगलने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
3. नाक बंद होना और एलर्जी बढ़ा सकते हैं परेशानी
सर्दी-जुकाम, एलर्जी या साइनस की समस्या के कारण नाक बंद हो सकती है। जब नाक से ठीक तरह सांस नहीं आती, तो व्यक्ति सोते समय मुंह से सांस लेने लगता है। इस दौरान मुंह खुला रहने के कारण लार बाहर निकलकर तकिए पर गिर सकती है। अगर सुबह उठने पर मुंह सूखा महसूस होता है, नाक अक्सर बंद रहती है या छींक और नाक बहने की परेशानी बनी रहती है, तो इसकी वजह की जांच करानी चाहिए। लंबे समय तक नाक बंद रहने पर डॉक्टर से सलाह लें।
4. तेज खर्राटे और लार निकलना स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है
अगर सोते समय लार निकलने के साथ तेज खर्राटे आते हैं, रात में बार-बार नींद खुलती है या सुबह उठने पर भी थकान बनी रहती है, तो स्लीप एपनिया की संभावना पर ध्यान देना चाहिए। ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया में सोते समय सांस लेने का रास्ता बार-बार संकरा या बंद हो जाता है, जिससे सांस कुछ समय के लिए रुक सकती है। कुछ लोगों में सोते समय हांफने, सुबह सिरदर्द और दिन में ज्यादा नींद आने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।
ये भी पढ़ें: ठंड में वायरल, सर्दी-जुकाम और फ्लू से कैसे करें बचाव? जानें इम्युनिटी मजबूत रखने के जरूरी उपाय
5. मुंह और दांतों की समस्याओं को भी न करें नजरअंदाज
मुंह में संक्रमण, मसूड़ों की परेशानी या दांतों से जुड़ी कुछ समस्याएं लार बनने और उसे संभालने के तरीके को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ लोगों में मुंह के अंदर असहजता या निगलने में परेशानी के कारण भी लार बाहर निकल सकती है। अगर लार निकलने की समस्या के साथ मुंह में दर्द, सूजन, बदबू या निगलने में दिक्कत महसूस हो, तो डॉक्टर या डेंटिस्ट से सलाह लेना उचित है। समस्या की असली वजह पता चलने के बाद ही सही इलाज तय किया जा सकता है।
कारण के अनुसार अपनाएं सही तरीका
अगर सोते समय कभी-कभी लार निकलती है, तो अपनी सोने की स्थिति पर ध्यान दें और नाक बंद रहने या एलर्जी जैसी परेशानी का उचित इलाज कराएं। सोने से पहले नाक से सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो उसकी वजह जानना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के एलर्जी की दवाएं या लार कम करने वाली दवाएं न लें। यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर आपकी नाक, मुंह, दवाओं और नींद से जुड़े लक्षणों की जांच करके आगे की सलाह दे सकते हैं।
ये भी पढ़ें: त्योहारों पर ड्राई फ्रूट्स खरीदने से पहले सावधान! खुशबू से लेकर स्वाद तक, इन तरीकों से पहचानें मेवों की क्वालिटी
किन लक्षणों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर रोजाना सोते समय लार निकलती है, दिन में भी लार बाहर आती है, खाना या पानी निगलने में परेशानी होती है, बार-बार खांसी आती है या तेज खर्राटों के साथ सांस रुकने जैसा महसूस होता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। खासकर निगलने में नई या बढ़ती परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि अचानक चेहरे का एक हिस्सा लटकने लगे, बोलने में परेशानी हो या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस हो, तो यह स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

Sunny Singh, UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर के दौरान India Update 24 और Hind 24 में भी काम किया है। वर्तमान में वे UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट तैयार करते हैं। Read More..










