Moradabad News: अखिलेश यादव के खिलाफ मुरादाबाद में प्रदर्शन, उत्तराखंड के लोगों पर टिप्पणी को लेकर फूंका पुतला

Moradabad News: उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताए जाने वाले बयान पर मुरादाबाद में अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर पुतला फूंका।


October 26, 2026 • by

Moradabad News Today: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताए जाने वाले बयान को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली। विरोध के दौरान लोगों ने अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला आग के हवाले कर दिया। इस मुद्दे पर उत्तराखंड के कई शहरों और कस्बों में भी विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।

उत्तराखंड के लोगों से जुड़ी टिप्पणी पर विवाद

अखिलेश यादव की टिप्पणी को उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताए जाने से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बयान के बाद उत्तराखंड में कई जगहों पर नाराजगी सामने आई। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए विरोध दर्ज कराया। मामला अब केवल बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और राजनीतिक नेताओं की भाषा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।

मुरादाबाद में पुतला फूंककर जताया विरोध

मुरादाबाद में हुए प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मौजूद तख्ती और पुतले पर भी विरोध से जुड़े नारे लिखे थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ‘अखिलेश यादव मुर्दाबाद, मुर्दाबाद!’ के नारे लगाए। इसके बाद पुतले को आग के हवाले कर दिया गया। इस तरह प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड के लोगों से जुड़ी टिप्पणी पर अपना विरोध जाहिर किया।

देहरादून से हल्द्वानी तक विरोध

उत्तराखंड में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, रुद्रपुर, खटीमा और बाजपुर समेत कई शहरों और कस्बों में लोगों ने नाराजगी जताई। इसके अलावा विकासनगर, ऋषिकेश, पौड़ी, मसूरी और रुद्रप्रयाग में भी विरोध दर्ज कराया गया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव के पुतले फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया। अलग-अलग क्षेत्रों में हुए इन प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा उत्तराखंड में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

उत्तराखंड के सम्मान का मुद्दा

इस मामले में भाजपा, युवा मोर्चा, पहाड़ी आर्मी, शिवसेना और राज्य आंदोलन से जुड़े लोगों ने विरोध जताया। विरोध करने वाले संगठनों ने टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे उत्तराखंड के लोगों के सम्मान से जुड़ा विषय बताया। संगठनों और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद बयान को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई। विभिन्न स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों ने इस विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

इस विवाद को लेकर भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। भाजपा ने टिप्पणी को उत्तराखंड के स्वाभिमान से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के राजनीतिक संबंधों पर सवाल उठाए। इस बयान के बहाने राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए।

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मुरादाबाद में अखिलेश यादव के खिलाफ फूटा गुस्सा

उत्तराखंड में कई स्थानों पर प्रदर्शन होने के बाद मुरादाबाद में भी अखिलेश यादव के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका और अपनी नाराजगी जाहिर की। इससे साफ है कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताए जाने वाले बयान को लेकर विवाद राज्य की सीमाओं से बाहर भी चर्चा में है। इस मुद्दे पर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बयान को लेकर राजनीतिक बहस जारी

अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर उत्तराखंड के कई शहरों में हुए प्रदर्शन और मुरादाबाद में पुतला दहन की घटना ने इस विवाद को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। मुरादाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ‘अखिलेश यादव मुर्दाबाद’ के नारे लगाकर अपना विरोध जताया। वहीं, उत्तराखंड में भी अलग-अलग संगठनों ने टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर की।

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