मैं जल्लाद बनना चाहती हूं, मुस्कान को फांसी देने के लिए मीरा राठौर ने DM को क्यों लिखा पत्र?

Meerut News: अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने मेरठ के चर्चित हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की अनुमति मांगी है।


October 25, 2026 • by

Meerut News Today: मीरा राठौर एक बार फिर अपने बयान और मांग को लेकर चर्चा में हैं। मेरठ के चर्चित हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और रविता को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर दोनों महिलाओं को फांसी देने की इच्छा जताई है। उन्होंने प्रशासन से जल्लाद बनने की अनुमति मांगी है। मीरा राठौर का कहना है कि अगर उन्हें इजाजत मिलती है तो वह बिना किसी फीस के यह काम करने के लिए तैयार हैं। उनके इस पत्र के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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डीएम को पत्र लिखकर मांगी अनुमति

मेरठ में दो अलग-अलग पति हत्याकांडों में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद मीरा राठौर ने मथुरा के जिलाधिकारी के सामने अपना अनुरोध रखा है। उन्होंने कहा है कि वह मुस्कान रस्तोगी और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनना चाहती हैं। उनके मुताबिक, यदि प्रशासन अनुमति देता है तो वह इसके लिए कोई फीस नहीं लेंगी।

पत्र में रखी अपनी शर्त

मीरा राठौर ने अपनी मांग के साथ यह भी कहा कि दोनों महिलाओं को फांसी देने से पहले गंगाजल से शुद्ध किया जाए। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। मीरा ने अपने पत्र के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह इन मामलों में दोषी ठहराई गई महिलाओं को सजा देने के लिए खुद आगे आना चाहती हैं। हालांकि, उनकी इच्छा और प्रशासनिक अनुमति दो अलग-अलग विषय हैं। अदालत की सजा को लागू करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

कौन हैं मीरा राठौर?

मीरा राठौर अखिल भारत हिंदू महासभा की जिलाध्यक्ष हैं। वह अपने बयानों और विभिन्न गतिविधियों को लेकर पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं। इस बार मेरठ के चर्चित हत्याकांड में दोषी ठहराई गई महिलाओं को फांसी देने की मांग ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी इच्छा जताने के साथ जिलाधिकारी को पत्र भी लिखा है। हालांकि, उनकी व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और इस पद से जुड़े अन्य विवरणों के बारे में उपलब्ध जानकारी सीमित है।

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पहले भी सामने आया था विवाद

मीरा राठौर इससे पहले ताजमहल से संबंधित परिसर में पूजा करने की घटना को लेकर चर्चा में आई थीं। इसके अलावा, उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान की जीभ काटने के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी। इन बयानों और गतिविधियों के कारण वह पहले भी सुर्खियों में रही हैं। अब मुस्कान और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की अनुमति मांगने के उनके कदम ने एक बार फिर लोगों का ध्यान खींचा है।

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नीले ड्रम हत्याकांड ने देशभर में बटोरी सुर्खियां

मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया गया है। खबर के मुताबिक, मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की थी। इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया था। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया था और मामला लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।

मेरठ कोर्ट ने 14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। ऐसे में मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। अपील दायर किए जाने के बाद सजा से संबंधित आगे की स्थिति उच्च न्यायालय की कार्यवाही और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

रविता पर भी पति की हत्या का आरोप साबित

दूसरे मामले में रविता और उसके साथी अमरदीप को उसके पति अमित कश्यप की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया है। खबर के मुताबिक, रविता ने हत्या को सांप के काटने से हुई मौत के रूप में दिखाने की कोशिश की थी। इस मामले में भी अदालत ने दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। दोनों मामलों की प्रकृति अलग-अलग होने के बावजूद, अदालत के फैसलों के बाद ये घटनाएं चर्चा में बनी हुई हैं।

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मीरा राठौर की मांग पर टिकी निगाहें

मुस्कान रस्तोगी और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की अनुमति मांगने वाली मीरा राठौर का पत्र अब चर्चा का केंद्र है। उन्होंने बिना फीस के फांसी देने की बात कहकर अपनी मांग को सामने रखा है। हालांकि, किसी की इच्छा जताने मात्र से फांसी देने की अनुमति नहीं मिल जाती। इसके लिए कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है। फिलहाल, मीरा राठौर की मांग पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दोनों मामलों में आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही पर नजर रहेगी।

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