Bareilly Ramganga River Bridge: बरेली के मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी की कटान ने सड़क की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार तड़के गोरालोकनाथपुर पुल के पास सड़क का करीब 10 फीट हिस्सा अचानक धंस गया। घटना देर रात लगभग तीन बजे की बताई जा रही है। सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
नदी की कटान बनी सड़क धंसने की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामगंगा नदी में तेज बहाव के चलते सड़क के किनारे की मिट्टी लगातार खिसक रही थी। नदी के पानी का दबाव बढ़ने से सड़क के नीचे की जमीन कमजोर होती चली गई। इसी दौरान सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में लगातार हो रही कटान को देखते हुए पहले से ही मार्ग को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही थी।
ये भी पढ़ें: वाराणसी में फैक्टरी में लगी भीषण आग: धुएं से अस्पताल में मची अफरा-तफरी, गत्ता-कॉपर वायर ने भड़काईं लपटें
सूचना मिलते ही प्रशासन और PWD में मची हलचल
सड़क धंसने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों में हलचल मच गई। उपजिलाधिकारी मीरगंज निधि शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त सड़क और नदी के किनारे की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही संबंधित विभागों को सुरक्षा और मरम्मत से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए।
पुल के दोनों छोरों पर पुलिस तैनात, रास्ता बंद

सड़क का हिस्सा धंसने के बाद मार्ग से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर पुल के दोनों छोरों पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है। पुलिसकर्मी लोगों को क्षतिग्रस्त मार्ग की ओर जाने से रोक रहे हैं, ताकि कोई वाहन या व्यक्ति दुर्घटना का शिकार न हो। प्रशासन ने फिलहाल इस मार्ग पर आवागमन बंद करा दिया है।
कई गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी
सड़क धंसने से आसपास के कई गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग नल नगरिया से आंवला के गौरीशंकर गुलड़िया होते हुए बदायूं जिले तक जाता है। स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है।
ग्रामीणों को सताने लगी सुरक्षा की चिंता
रामगंगा नदी में बढ़ते कटान और सड़क के धंसने की घटना ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि नदी के तेज बहाव से सड़क के किनारे की मिट्टी लगातार कमजोर हो रही थी। समय रहते कटान रोकने के उपाय नहीं किए गए तो मार्ग के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने सड़क की सुरक्षा और जल्द मरम्मत की जरूरत जताई है।
जेसीबी मशीन मौके पर बुलाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) ने बताया कि क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे। मौके पर जेसीबी मशीन बुला ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क के धंसे हिस्से में मिट्टी डलवाकर उसे जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: शाहजहांपुर में बाढ़ का खतरा: गर्रा-खन्नौत खतरे के निशान के करीब, घरों में घुसा पानी; 24 परिवारों का रेस्क्यू
आवागमन बहाल होने का इंतजार
फिलहाल सड़क की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्यों को लेकर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक आवागमन बंद रखा गया है। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त कर संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है। वहीं, आसपास के गांवों के लोग सड़क की जल्द मरम्मत और सुरक्षित आवागमन बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

Tannu Chauhan एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्हें डिजिटल मीडिया और समाचार लेखन का लगभग 3 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Royal Bulletin और Moradabad Live News में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में वह UP News 24 के लिए विभिन्न विषयों पर तथ्यात्मक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं। Read More..
















