Moradabad Commissioner Meeting: मुरादाबाद मंडल में कानून-व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और अदालती अभियोजन प्रक्रियाओं को गति देने के उद्देश्य से मंडलायुक्त कार्यालय के सभागार में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में मंडल के सभी जनपदों से आए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान मंडल भर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए कई रणनीतिक निर्णय लिए गए।
डीआईजी मुनिराज जी ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा
डीआईजी मुनिराज जी ने आयुक्त सभागार, मुरादाबाद में परिक्षेत्र के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और अभियोजन कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान लोगों की सुरक्षा व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
मंडल भर के आला अफसरों की मौजूदगी

इस समीक्षा बैठक में मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित मंडल के अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षक, अभियोजन अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की अपराध रिपोर्ट, कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और पुलिस द्वारा की गई हालिया कार्यवाइयों का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, विभिन्न अदालतों में चल रहे गंभीर मामलों की प्रगति रिपोर्ट पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
सख्त अभियोजन से अपराधियों को सजा
बैठक में मुकदमों की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। मंडलायुक्त महोदया ने स्पष्ट किया कि केवल अपराधियों को पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें न्यायालय से सख्त सजा दिलाना भी पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शासकीय अधिवक्ताओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखें, समय पर गवाह पेश करें और गंभीर मुकदमों की पैरवी की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि अपराधियों को किसी भी हाल में ढील न मिले।
अपराध नियंत्रण पर मंडलायुक्त के कड़े तेवर

कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने जिलेवार अपराध आंकड़ों का विश्लेषण किया। उन्होंने जनपदों में गश्त बढ़ाने, चिन्हित अपराधियों पर पैनी नजर रखने और महिला सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को यह संदेश साफ शब्दों में दिया गया कि जनता में सुरक्षा का अहसास होना चाहिए और कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी अराजक तत्व के खिलाफ बिना किसी दबाव के त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
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जनपदों की जमीनी रिपोर्ट का विश्लेषण

बैठक के दौरान मंडल के प्रत्येक जनपद की स्थानीय समस्याओं और वहां की पुलिसिंग व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में सक्रिय रहने, जनता से सीधे संवाद कायम रखने और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पारदर्शी ढंग से काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लंबित जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण ही बेहतर कानून-व्यवस्था की पहली शर्त है।
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अंतर-विभागीय तालमेल से निकलेंगे परिणाम
बैठक का मुख्य निष्कर्ष पुलिस और नागरिक प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना रहा। अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया कि वे किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए एक टीम की तरह कार्य करें।
सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और विभागों के साझा प्रयासों से ही अपराध मुक्त माहौल तैयार किया जा सकता है, जिससे मंडल में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

Sunny Singh उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध और स्थानीय समाचारों को कवर करने वाले पत्रकार हैं। उन्हें डिजिटल पत्रकारिता और समाचार लेखन का लगभग 4 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने India Update 24 और Hind 24 में कार्य किया है। वर्तमान में वे UP News 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं।












