संभल में खुले नाले में समाई 2 साल की मासूम, पुलिस-नगर पालिका ने ढाई घंटे तक चलाया रेस्क्यू!

Sambhal News: संभल के चौधरी सराय मोहल्ले में खुले नाले में गिरने से 2 साल की अलमाजिया की मौत हो गई। बच्ची के लापता होने पर पुलिस और नगर पालिका की टीम ने ढाई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।


October 15, 2026 • by

Sambhal News Today: उत्तर प्रदेश के संभल में खुले नाले में गिरने से दो साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। बच्ची घर के बाहर खेलने गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास के इलाके में उसकी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और नगर पालिका की टीम ने रात में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि करीब 2:30 बजे बच्ची को नाले से बाहर निकाला गया। बेटी का शव देखते ही पिता उसे गोद में लेकर सीने से चिपका लिया और फूट-फूटकर रोने लगा।

चौधरी सराय मोहल्ले की दर्दनाक घटना

यह पूरा मामला संभल कोतवाली क्षेत्र के चौधरी सराय मोहल्ले का है। मृत बच्ची की पहचान शहजाद की दो वर्षीय बेटी अलमाजिया के रूप में हुई है। परिवार तकिये वाली मस्जिद के पास रहता है। बताया गया कि बच्ची घर से महज करीब 10 कदम की दूरी पर खेलते समय नाले के पास पहुंच गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इसी दौरान वह नाले में गिर गई और पानी में डूबने से उसकी जान चली गई।

मजदूरी से लौटे पिता को मिली बेटी के लापता होने की खबर

बच्ची के पिता शहजाद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बुधवार सुबह करीब 8 बजे मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। दोपहर करीब 2:30 बजे जब वह घर लौटे तो पत्नी गुलशिफा ने बताया कि उनकी बेटी बाहर खेलने गई है। शुरुआत में परिवार को लगा कि बच्ची आसपास ही होगी, लेकिन शाम करीब 4 बजे के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी।

मोहल्ले में आवाज लगाते रहे परिजन, रात तक नहीं मिला सुराग

बच्ची के वापस नहीं आने पर परिवार ने उसे आसपास तलाशना शुरू कर दिया। पिता और अन्य परिजन मोहल्ले में उसे आवाज लगाते रहे और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई। काफी देर तक खोजबीन के बावजूद बच्ची का पता नहीं चला। रात करीब 10 बजे तक परिवार के लोग अपने स्तर पर तलाश करते रहे, लेकिन मासूम का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना देने का फैसला किया गया।

रात 11:45 बजे पुलिस को मिली सूचना

बच्ची के लापता होने की जानकारी संभल कोतवाली पुलिस को रात करीब 11:45 बजे मिली। सूचना मिलते ही सीओ कुलदीप कुमार और इंस्पेक्टर मोहित चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। जानकारी जुटाने के दौरान पता चला कि बच्ची को घर से करीब 10 कदम दूर नाले के पास खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने नाले में तलाश शुरू कराई।

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नाले की गहराई और कचरे ने बढ़ाई रेस्क्यू की चुनौती

नाले की गहराई और कचरे ने बढ़ाई रेस्क्यू की चुनौती

तलाश के दौरान पुलिस ने नाले की स्थिति का अंदाजा लगाने की कोशिश की। बताया गया कि नाले में ईंट फेंकने पर वह डूबने के बजाय ऊपर ही रह गई। इसके बाद नगर पालिका की टीम को बुलाया गया। जांच में नाला करीब 5 से 6 फीट गहरा पाया गया, जबकि उसमें लगभग ढाई से तीन फीट तक कूड़ा भरा हुआ था। नाले में पानी और जमा कचरे के कारण बच्ची को तलाशना मुश्किल हो गया।

पुलिया के नीचे फंसी मिली मासूम

पुलिस और नगर पालिका की टीम ने रात में तलाश जारी रखी। करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि करीब 2:30 बजे बच्ची को नाले से बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची पानी में गिरने के बाद पुलिया के नीचे जाकर फंस गई थी। पानी में डूबने और दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।

बेटी का शव देखते ही टूट गया पिता

बेटी का शव देखते ही टूट गया पिता

रेस्क्यू के बाद जब बच्ची को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया तो पिता शहजाद उसे अपनी गोद में लेकर सीने और कंधे से चिपका लिया। बेटी को इस हालत में देखकर वह खुद को संभाल नहीं सके और बिलख पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और लोगों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन बेटी को खोने के गम में पिता पूरी तरह टूट चुके थे। इसके बाद वह मासूम को गोद में लेकर घर की ओर चले गए।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

इंस्पेक्टर मोहित चौधरी के मुताबिक, बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में नाले के पास खेलते समय बच्ची के गिरने की बात सामने आई है। घटनास्थल घर से करीब 10 कदम की दूरी पर है। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

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खुले नालों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

संभल की यह घटना खुले नालों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। घर के पास खेल रही दो साल की बच्ची की जान चली गई और परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। नाले की गहराई, उसमें जमा कचरा और आसपास सुरक्षा के इंतजामों की स्थिति ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण हो जाती है। घटना ने एक बार फिर यह जरूरत सामने रखी है कि खुले नालों को सुरक्षित ढंग से ढका जाए और रिहायशी इलाकों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

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