Road Accident: दो घरों के चिराग बुझने से पसरा मातम, बाराबंकी हादसे में गई थी दो युवकों की जान!

Barabanki Road Accident: बाराबंकी सड़क हादसे में खुनखुन रावत और बृजेश कुमार रावत की मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम दोनों के शव गांव पहुंचे तो मातम छा गया। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों अपने परिवारों के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।


October 24, 2026 • by

Barabanki Road Accident News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दो युवकों के शव गांव पहुंचते ही मातम छा गया। शुक्रवार देर शाम दोनों के शव उनके गांव पहुंचे तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। हादसे में खुनखुन रावत और बृजेश कुमार रावत की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों युवक अपने-अपने परिवारों में कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे।

हाईवे पर हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए सड़क हादसे में घुंघटेर थाना क्षेत्र के दो युवकों की जान चली गई थी। दोनों किसी काम से लखनऊ गए थे। इसी दौरान काठूनाला चौकी के पास एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया।

दो गांवों के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतकों की पहचान घुंघटेर थाना क्षेत्र के ग्राम जमुआ निवासी खुनखुन रावत और अटहरा गांव निवासी बृजेश कुमार रावत के रूप में हुई है। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों को गहरा सदमा लगा है। जिन घरों में उनके लौटने का इंतजार था, वहां अब अपनों को खोने का दर्द पसरा हुआ है।

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शव गांव पहुंचे तो हर आंख हुई नम

शुक्रवार देर शाम जब दोनों युवकों के शव गांव पहुंचे तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम छा गया और इस दुखद घटना से ग्रामीण भी गमगीन नजर आए। दोनों युवकों की मौत ने उनके परिवारों के साथ-साथ गांव के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया।

परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

ग्रामीणों के अनुसार, खुनखुन रावत और बृजेश कुमार रावत अपने-अपने परिवारों में कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे। ऐसे में दोनों की मौत से परिवारों को भावनात्मक क्षति के साथ भविष्य की चिंता भी सता रही है। जिन युवकों पर घर की जिम्मेदारियां थीं, उनके अचानक चले जाने से परिवारों के सामने मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं।

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दो परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं

लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। खुनखुन और बृजेश के शव गांव पहुंचने के बाद से माहौल गमगीन बना हुआ है। परिवार के सदस्यों को खोने का दुख और भविष्य की चिंता उनके अपनों के लिए इस मुश्किल घड़ी को और भी पीड़ादायक बना रही है।

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