संभल में आफत की बारिश: स्कूल-कॉलेज बंद, बर्बाद फसलों को देख किसानों की बढ़ी चिंता!

Sambhal News: संभल में 50 घंटे की लगातार बारिश के बाद नर्सरी से इंटरमीडिएट तक स्कूल-कॉलेज बंद रहे। जिले में 62 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे धान और ईख की फसलों को नुकसान पहुंचा।


September 28, 2026 • by

Sambhal Rain News: संभल जिले में लगातार करीब 50 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश और मौसम में आई ठंडक को देखते हुए सोमवार को नर्सरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। पिछले दो दिनों में जिले में कुल 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते जहां तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, वहीं किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

सुबह ठंडक, दिन में बढ़ा तापमान

सोमवार सुबह जिले का न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8 बजे तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि दिन में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 95 दर्ज किया गया। लगातार बारिश के कारण मौसम में ठंडक बनी हुई है और लोगों को सितंबर के आखिरी दिनों में नवंबर की शुरुआत जैसा मौसम महसूस हो रहा है।

दो दिन में 14 डिग्री तक गिरा पारा

पिछले दो दिनों की बारिश के दौरान संभल जिले के तापमान में करीब 14 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके चलते तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि, सोमवार को मौसम में बदलाव के साथ तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान में इस उतार-चढ़ाव के बावजूद सुबह और रात के समय ठंडक का एहसास बना हुआ है।

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15 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवाएं

जिले में बारिश के साथ करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। गंगा किनारे स्थित गुन्नौर तहसील से लेकर जिला मुख्यालय बहजोई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। हवाओं और बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन लगातार बारिश से सड़कों पर जलभराव और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी बढ़ गई है।

स्कूल-कॉलेजों में अवकाश से बच्चों को राहत

स्कूल-कॉलेजों में अवकाश से बच्चों को राहत

लगातार बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए सोमवार को जिले के नर्सरी से इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। बारिश के कारण आवागमन प्रभावित होने और सड़कों पर जलभराव की स्थिति के बीच शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश से विद्यार्थियों को राहत मिली। वहीं, बाजारों में भी बारिश का असर देखने को मिला और स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ।

धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर

धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर

लगातार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में धान की खेती करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात सामने आई है। खेतों में बारिश का पानी भरने और लगातार खराब मौसम के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा ईख की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर उचित सहायता दिलाने की मांग की है।

डीएम-एडीएम ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा

डीएम-एडीएम ने गांवों में पहुंचकर लिया जायजा

बारिश से प्रभावित किसानों की स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह ने गुन्नौर तहसील के गांव भागनगर और उधरनपुर अजमतनगर का दौरा किया। अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर किसानों से बारिश के कारण खराब हुई फसलों की जानकारी ली। इस दौरान किसानों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और फसल नुकसान के बारे में बताया।

प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को बारिश से प्रभावित फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि नुकसान झेलने वाले किसानों की सूची जल्द तैयार की जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। प्रशासन की ओर से फसल नुकसान की जानकारी जुटाने पर जोर दिया जा रहा है।

किसानों ने बताई धान और ईख की बर्बादी

गांव दतावली के किसान प्रेमपाल सैनी ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उनकी धान और ईख की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान बारिश के बाद खेतों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि लगातार खराब मौसम ने खेती-किसानी पर असर डाला है। वहीं, प्रभावित किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से फसल नुकसान का सही आकलन कर उन्हें सरकारी मदद दिलाई जाएगी।

बारिश से बाजार और सड़कों पर भी असर

स्थानीय निवासी मुजाहिद ने बताया कि दो दिनों से हो रही बारिश के बाद मौसम में काफी ठंडक आ गई है। हालांकि, बारिश के कारण बाजार में कामकाज प्रभावित हुआ है। सड़कों और गलियों में जलभराव होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पानी जमा होने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है।

सामान्य से 79 प्रतिशत अधिक बारिश

सामान्य से 79 प्रतिशत अधिक बारिश

संभल जिले में इस मानसूनी अवधि के दौरान सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 27 सितंबर तक जिले में कुल 1263.9 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 644.1 मिलीमीटर होना चाहिए था। इस तरह जिले में सामान्य से करीब 79 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

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पिछले साल से भी ज्यादा बरसे बादल

इस साल अब तक हुई बारिश पिछले वर्ष की तुलना में भी अधिक रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संभल में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अब तक करीब 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण जहां मौसम में ठंडक बढ़ी है, वहीं किसानों की फसलों, बाजारों और सड़कों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।

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