श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा पर संभल में गंगा स्नान, लाखों श्रद्धालुओं ने किया पितरों का तर्पण

Sambhal News: संभल के गंगा घाटों पर श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद पितरों का तर्पण किया। सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरे समय अलर्ट रहा।


September 26, 2026 • by

Sambhal Ganga Snan Purnima: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा और पूर्णिमा श्राद्ध के अवसर पर संभल के गंगा घाटों पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शुक्रवार को जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।

बारिश के बीच सुबह 5:30 बजे से शुरू हुआ स्नान

मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार रहा। रात से हो रही बारिश के बावजूद शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे से ही श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे थे। सुबह होते-होते घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान कर पितरों का स्मरण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

राजघाट से सिसौना डांडा तक श्रद्धालुओं की भीड़

राजघाट से सिसौना डांडा तक श्रद्धालुओं की भीड़

कई प्रमुख गंगा घाटों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब। संभल की गुन्नौर तहसील क्षेत्र के राजघाट गंगा घाट, सिसौना डांडा, श्रीविष्णु देव घाट, हरिबाबा बांध और अस्थायी असदपुर व सांकराघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इन घाटों पर संभल के अलावा बुलंदशहर, बदायूं, अलीगढ़, बरेली और रामपुर से भी श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही गंगा घाटों पर धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद पूजा-पाठ किया और पितरों के निमित्त तर्पण किया।

तीन महीने के मुकाबले कम हुआ गंगा का जलस्तर

जलस्तर कम होने से श्रद्धालुओं को मिली राहत। श्रीविष्णु देव घाट पर पिछले तीन महीनों की तुलना में गंगा का जलस्तर कम देखा गया। अन्य घाटों पर भी पानी का स्तर अपेक्षाकृत कम रहा। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के भीतर रहकर ही स्नान करने की अनुमति दी गई। पुलिसकर्मियों ने घाटों पर लगातार निगरानी रखी और श्रद्धालुओं को निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने की हिदायत दी।

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पुलिस और प्रशासन ने संभाली सुरक्षा की कमान

भीड़ नियंत्रण से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा तक प्रशासन अलर्ट। पूर्णिमा स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें गंगा घाटों पर मुस्तैद रहीं। थाना जुनावई प्रभारी धीरज सिंह, गुन्नौर थाना प्रभारी संजय कुमार, बबराला थाना प्रभारी लवनीश चौधरी और रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी पुलिस बल के साथ घाटों पर तैनात रहे। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया।

अधिकारियों ने घाटों का निरीक्षण कर लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाएं परखीं। गंगा स्नान के दौरान एसडीएम अवधेश कुमार, सीओ अंकित मिश्रा और तहसीलदार रवि सोनकर ने विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों को भीड़ के बीच सतर्कता बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान कराने के निर्देश दिए गए।

पूर्णिमा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष का हुआ आरंभ

पूर्णिमा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष का हुआ आरंभ

पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। इस दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करते हैं। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भी अपने पितरों का स्मरण कर धार्मिक अनुष्ठान किए। मान्यता है कि पितृ पक्ष में श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए कर्मों से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सत्यनारायण व्रत, पूजा और दान का भी विशेष महत्व

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दान-पुण्य में जुटे श्रद्धालु। पूर्णिमा के अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा और कथा का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। श्रद्धालु घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करने के साथ जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान भी करते हैं। मान्यता है कि इस प्रकार के धार्मिक और पुण्य कार्यों से सकारात्मकता और समृद्धि आती है।

शाम तक श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का अनुमान

सुबह से शाम तक जारी रहा गंगा स्नान का सिलसिला। पूर्णिमा श्राद्ध के अवसर पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। नीरज शर्मा के अनुसार, सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए घाटों पर पहुंच रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे तक करीब 15 हजार श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान था, जबकि शाम तक यह संख्या लगभग 50 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई गई। वहीं, जिले के अन्य गंगा घाटों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।

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आस्था और सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ पूर्णिमा स्नान

गंगा घाटों पर दिनभर गूंजते रहे धार्मिक जयकारे। श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा पर संभल के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़, पूजा-अर्चना और तर्पण का सिलसिला जारी रहा। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं दिखी। वहीं, पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए। पूर्णिमा स्नान के साथ ही पितृ पक्ष के धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई।

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