यूपी की 11,350 ग्राम पंचायतों में खुलेंगे डिजिटल पुस्तकालय, चुनाव से पहले पूरा होगा काम!

UP News: यूपी की 11,350 ग्राम पंचायतों में 454 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त से डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना जल्द शुरू होगी। सरकार का लक्ष्य विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण युवाओं को डिजिटल अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराना है।


September 23, 2026 by

UP News In Hindi: पंचायती राज विभाग में प्रमुख सचिव अनिल कुमार के स्थानांतरण के बाद मंगलवार को प्रमुख सचिव रविंद्र ने विभाग का कार्यभार संभाल लिया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय कामकाज और योजनाओं की जानकारी ली। इसके बाद प्रमुख सचिव ने पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।

मंत्री के साथ योजनाओं पर हुई अहम चर्चा

मुलाकात के दौरान पंचायती राज विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। बैठक में खास तौर पर ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की योजना और इसके दूसरे चरण के काम को जल्द शुरू कराने पर जोर दिया गया।

454 करोड़ की दूसरी किश्त से बढ़ेगा काम

454 करोड़ की दूसरी किश्त से बढ़ेगा काम

डिजिटल पुस्तकालय योजना के तहत 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय स्थापित किए जाने हैं। इसके लिए पहली किश्त के बाद अब दूसरी किश्त के रूप में 454 करोड़ रुपये की धनराशि से काम आगे बढ़ाने की तैयारी है। विभाग की योजना है कि दूसरी किश्त का काम भी जल्द शुरू कराया जाए।

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दूसरी किश्त को लेकर पहले नहीं बनी थी सहमति

जानकारी के मुताबिक, दूसरी किश्त की धनराशि से डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना किस माध्यम से कराई जाए, इसे लेकर पूर्व प्रमुख सचिव और विभागीय मंत्री के बीच सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद इस मामले में अंतिम निर्णय के लिए फाइल मुख्यमंत्री के पास भेजी गई थी।

चुनाव से पहले युवाओं को मिलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

चुनाव से पहले युवाओं को मिलेगी डिजिटल लाइब्रेरी

मंत्री ओम प्रकाश राजभर के मुताबिक, दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से भी 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस काम को जल्द शुरू कराया जाएगा। सरकार की योजना है कि विधानसभा चुनाव से पहले इन पंचायतों के युवा डिजिटल पुस्तकालयों में अध्ययन की सुविधा का लाभ उठा सकें।

इन संस्थाओं को मिल सकता है जिम्मा

सूत्रों के अनुसार, दूसरी किश्त से होने वाले डिजिटल पुस्तकालयों के काम की जिम्मेदारी किसी सरकारी संस्था को दी जा सकती है। इसके लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन, यूपी डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क नोएडा और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान लखनऊ जैसे संस्थानों के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम फैसला संबंधित स्तर पर लिया जाना बाकी है।

पहली किश्त से चल रहा 11,350 पुस्तकालयों का काम

डिजिटल पुस्तकालय योजना की पहली किश्त के रूप में भी 454 करोड़ रुपये की धनराशि से 11,350 ग्राम पंचायतों में काम कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, पहली किश्त से शुरू हुआ यह कार्य अगले महीने तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद दूसरी किश्त के जरिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद बदला तरीका

पहली किश्त से चल रहे काम को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई थीं। विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मंत्री ने दूसरी किश्त का काम किसी एकीकृत व्यवस्था के तहत राज्य सरकार की संस्था से कराने का अनुरोध किया था।

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गांवों में पढ़ाई के लिए बढ़ेगी डिजिटल सुविधा

अगर दूसरी किश्त से प्रस्तावित काम तय योजना के अनुसार शुरू होता है तो प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल अध्ययन की सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और विद्यार्थियों को अपने ही गांव में डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिल सकेगा।

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